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अर्थशास्त्र, सांख्यिकी और मूल्यांकन (ES&E) प्रभाग के बारे में

अर्थशास्त्र, सांख्यिकी एवं मूल्यांकन (Economics, Statistics & Evaluation – ES&E) प्रभाग, जिसे पूर्व में अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय (DES) के नाम से जाना जाता था, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का प्रमुख प्रभाग है। यह कृषि सांख्यिकी के संग्रहण, विश्लेषण एवं प्रसार, आर्थिक नीति समर्थन, अनुसंधान एवं मूल्यांकन अध्ययन तथा कृषि क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सहायता प्रदान करता है।

वर्तमान में ES&E प्रभाग निम्नलिखित इकाइयों से मिलकर बना है:

  1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) इकाई
  2. कृषि-आर्थिक अनुसंधान (AER) इकाई
  3. फसल सांख्यिकी इकाई
  1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) इकाई

(i) MSP अनुभाग

MSP अनुभाग 22 अधिसूचित कृषि फसलों के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करने एवं उसकी घोषणा करने का कार्य करता है। इसमें खरीफ, रबी तथा वाणिज्यिक फसलें शामिल हैं।

प्रमुख कार्य

  • कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की मूल्य नीति रिपोर्टों का परीक्षण।
  • राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से सुझाव प्राप्त करना।
  • कैबिनेट समिति (CCEA) हेतु कैबिनेट नोट तैयार करना।
  • उत्पादन, खरीद, बाजार मूल्य तथा अन्य आर्थिक संकेतकों का विश्लेषण।
  • अंतर-मंत्रालयी समन्वय।
  • प्रेस विज्ञप्तियाँ, FAQ तथा संचार सामग्री तैयार करना।
  • MSP अधिसूचनाएँ जारी करना।
  • CACP की गैर-मूल्य सिफारिशों के कार्यान्वयन की निगरानी।

MSP कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ

भारत सरकार प्रतिवर्ष 22 अधिसूचित फसलों के लिए MSP निर्धारित करती है। इनमें 14 खरीफ फसलें, 6 रबी फसलें और 2 वाणिज्यिक फसलें शामिल हैं। MSP निर्धारण में CACP की सिफारिशें, राज्य सरकारों तथा विभिन्न मंत्रालयों के विचारों को ध्यान में रखा जाता है।

वर्ष 2018-19 से MSP को उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर निर्धारित करने का सिद्धांत अपनाया गया है।

MSP का उद्देश्य

MSP का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य प्रदान करना, कृषि निवेश को प्रोत्साहित करना तथा संतुलित फसल प्रणाली को बढ़ावा देना है। MSP घोषित होने के बाद किसान अपनी उपज सरकारी एजेंसियों या खुले बाजार में बेच सकते हैं।

संसद संबंधी कार्य

MSP अनुभाग संसद से संबंधित सभी मामलों का समन्वय करता है, जिनमें शामिल हैं:

  • तारांकित एवं अतारांकित प्रश्न
  • निजी सदस्य विधेयक
  • प्रधानमंत्री कार्यालय संदर्भ
  • विशेष उल्लेख
  • शून्यकाल विषय
  • संसद आश्वासन
  • संसदीय स्थायी समिति से संबंधित मामले

अन्य कार्य

  • न्यायालयीन मामलों का निपटारा
  • RTI आवेदन एवं अपील
  • जन शिकायतें
  • आर्थिक सर्वेक्षण एवं वार्षिक रिपोर्ट हेतु जानकारी
  • SDG संकेतकों से संबंधित कार्य
  • सचिवालय एवं मंत्री कार्यालय से प्राप्त संदर्भों का निस्तारण

(ii) प्रमुख फसलों की खेती लागत अध्ययन योजना (CS Scheme)

यह योजना 1971 से संचालित है। इसका उद्देश्य प्रमुख फसलों की लागत एवं उत्पादन संबंधी आंकड़ों का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण करना है।

मुख्य विशेषताएँ

  • 20 राज्यों में संचालित।
  • 10,080 नमूना कृषि जोतों का चयन।
  • लागत एवं आय का दैनिक रिकॉर्ड रखा जाता है।
  • तीन स्तरीय वैज्ञानिक नमूना पद्धति का उपयोग।

योजना के अंतर्गत फसलें

वर्तमान में योजना 25 प्रमुख फसलों को कवर करती है, जिनमें धान, गेहूँ, ज्वार, बाजरा, मक्का, दालें, तिलहन, कपास, जूट, गन्ना, प्याज, आलू एवं नारियल शामिल हैं।

उपयोगिता

  • MSP निर्धारण हेतु CACP को इन आंकड़ों का उपयोग।
  • राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी तैयार करने में सहायता।
  • विपणन अधिशेष अनुपात (Marketed Surplus Ratio) का निर्धारण।
  1. कृषि–आर्थिक अनुसंधान (AER) इकाई

AER योजना 1954-55 में प्रारंभ की गई थी। इसका उद्देश्य कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर अनुसंधान करना तथा नीति निर्माण हेतु साक्ष्य-आधारित जानकारी उपलब्ध कराना है।

यह योजना देशभर में स्थित 14 कृषि-आर्थिक अनुसंधान केंद्रों एवं इकाइयों के माध्यम से संचालित की जाती है।

उद्देश्य

  • कृषि-आर्थिक विषयों पर अनुसंधान।
  • कृषि नीति निर्माण में सहयोग।
  • ग्रामीण विकास एवं कृषि अर्थव्यवस्था का अध्ययन।
  • सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण।
  • सरकारी योजनाओं का मूल्यांकन।
  • केंद्र एवं राज्य सरकारों को तकनीकी सलाह।

प्रमुख कार्य

अनुसंधान अध्ययन

AER इकाई कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े उभरते विषयों पर अध्ययन कराती है तथा सरकारी योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करती है।

प्रशासन एवं वित्तीय प्रबंधन

  • कर्मचारियों के सेवा मामलों का प्रबंधन।
  • अनुदान जारी करना।
  • बजट प्रस्तावों की समीक्षा।
  • वित्तीय उपयोग की निगरानी।
  • PFMS रिपोर्टिंग एवं ऑडिट अनुपालन।

Agricultural Statistics at a Glance

यह कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर आधारित एक वार्षिक प्रकाशन है, जिसमें राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के अद्यतन आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं।

इसमें शामिल प्रमुख विषय:

  • क्षेत्रफल, उत्पादन एवं उत्पादकता
  • MSP एवं उत्पादन लागत
  • सिंचाई एवं भूमि उपयोग
  • उर्वरक एवं बीज उपयोग
  • कृषि ऋण एवं KCC
  • फसल बीमा
  • पशुपालन एवं मत्स्य पालन
  • कृषि व्यापार
  • खाद्यान्न भंडारण
  • कृषि जनगणना संबंधी जानकारी
  1. फसल सांख्यिकी इकाई

कृषि सांख्यिकी अनुभाग

यह अनुभाग 28 प्रमुख कृषि फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन एवं उपज के अनुमान जारी करता है।

प्रकाशित अनुमान

  1. प्रथम अग्रिम अनुमान
  2. द्वितीय अग्रिम अनुमान
  3. तृतीय अग्रिम अनुमान
  4. अंतिम अनुमान

प्रमुख कार्य

  • जिला स्तरीय क्षेत्र, उत्पादन एवं उपज का संकलन।
  • GDP/GVA आंकड़ों का रखरखाव।
  • उत्पादन अनुमान का त्रैमासिक विभाजन।

Unified Portal for Agricultural Statistics (UPAg)

UPAg एक आधुनिक कृषि डेटा प्रबंधन प्रणाली है जो उत्पादन, मूल्य, व्यापार, खरीद, भंडारण तथा अन्य कृषि आंकड़ों का केंद्रीकृत मंच प्रदान करती है। इसका उद्देश्य नीति निर्माताओं एवं शोधकर्ताओं को प्रमाणिक एवं वास्तविक समय के आंकड़े उपलब्ध कराना है।

Digital General Crop Estimation Survey (DGCES)

DGCES फसल उपज का सटीक आकलन करने हेतु एक राष्ट्रीय पहल है। इसमें मोबाइल एप्लिकेशन, GPS आधारित फोटो कैप्चर, स्वचालित प्लॉट चयन तथा वास्तविक समय डेटा संग्रहण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

Crop Weather Watch Group (CWWG)

यह समूह प्रत्येक सोमवार को बैठक आयोजित करता है और निम्न विषयों की समीक्षा करता है:

  • फसल बुवाई की प्रगति
  • मौसम पूर्वानुमान
  • जलाशय स्तर
  • फसल स्थिति
  • कीट एवं रोग प्रकोप
  • उर्वरक एवं बीज उपलब्धता
  • बागवानी उत्पादों की कीमतें

इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में समय पर नीति हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है।

Agricultural Market Information System (AMIS)

AMIS की शुरुआत वर्ष 2011 में G20 कृषि मंत्रियों द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य खाद्य बाजारों में पारदर्शिता बढ़ाना तथा खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है। भारत गेहूँ, चावल, मक्का एवं सोयाबीन से संबंधित मासिक खाद्य संतुलन पत्रक AMIS सचिवालय को उपलब्ध कराता है।

FASAL 2.0 परियोजना

Forecasting Agricultural Output using Space, Agro-Meteorology and Land Based Observations (FASAL) परियोजना कृषि उत्पादन के पूर्वानुमान हेतु विकसित की गई है। यह रिमोट सेंसिंग, कृषि मौसम विज्ञान, AI/ML मॉडल, फसल सिमुलेशन मॉडल तथा अर्थमितीय मॉडल का उपयोग करती है।

FASAL 2.0 के अंतर्गत SAC, IARI, IASRI, ISI एवं IEG जैसे संस्थानों की सहायता से अधिक सटीक एवं समयबद्ध उत्पादन अनुमान तैयार किए जाते हैं।

निष्कर्ष

ES&E प्रभाग कृषि क्षेत्र में डेटा संग्रहण, विश्लेषण, मूल्य निर्धारण, अनुसंधान, मूल्यांकन तथा नीति निर्माण का केंद्रीय आधार है। MSP निर्धारण, कृषि सांख्यिकी संकलन, अनुसंधान अध्ययनों का संचालन तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से फसल पूर्वानुमान तैयार करना इसके प्रमुख कार्य हैं। यह प्रभाग कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करता है।